*ई-केवाईसी में न्यून प्रगति पर जिला पंचायत की सीईओ ने जताई नाराजगी* *सुश्री कौर ने बड़वारा की 7 ग्राम पंचायतों के सचिवों और जीआरएस को जारी किए कारण बताओ सूचना पत्र*

Yogendra Asati
14 Nov 2025
कार्यवाही

*ई-केवाईसी में न्यून प्रगति पर जिला पंचायत की सीईओ ने जताई नाराजगी*

*सुश्री कौर ने बड़वारा की 7 ग्राम पंचायतों के सचिवों और जीआरएस को जारी किए कारण बताओ सूचना पत्र*

कटनी (14 नवंबर)- ई-केवाईसी कार्य में न्यून प्रगति परिलक्षित होने पर जिला पंचायत की सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जनपद पंचायत बड़वारा की 7 ग्राम पंचायत के सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए हैं। अवगत होवे कि आम नागरिकों को ई- केवाईसी के अभाव में केंद्र सरकार एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न होना पड़े इसके लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा समय सीमा की बैठक में निरंतर समीक्षा की जाकर ई केवाईसी कार्य पूर्ण कराए जाने हेतु निर्देश दिए जा रहे हैं। किंतु उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना एवं स्वेच्छाचारिता अपनाने जाने पर मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 में विहित् प्रावधानों के तहत सात ग्राम पंचायतों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों में कैंप लगाकर ई-केवाईसी कार्य पूर्ण कराए जाने 95% का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

*इन्हें 3 दिन में समक्ष में उपस्थित होकर देना होगा जवाब*

जिला पंचायत की सीईओ सुश्री कौर ने जनपद पंचायत बड़वारा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी के प्रस्ताव पर ग्राम पंचायत नदावन के सचिव कामता प्रसाद बर्मन एवं जीआरएस अतुल त्रिपाठी, सलैया सिहोरा की सचिव रंजना शुक्ला एवं जीआरएस भगवन देव दुबे ,कुठिया महंगवा के सचिव बलदाऊ त्रिपाठी एवं जीआरएस नीलेश कुमार पाटकर, मझगवां के सचिव मदनलाल केवट एवं जीआरएस इकबाल मोहम्मद, भजिया के सचिव इंद्रभान रजक एवं जीआरएस शेख आबिद,भुड़सा और भदौरा के ग्राम रोजगार सहायक क्रमशः राजेश विश्वकर्मा और रामलाल दुबे को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर तीन दिवस में समक्ष में उपस्थित होकर जवाब देने को कहा गया है। जारी नोटिस के मुताबिक नियत समय सीमा में प्रतिवाद प्रस्तुत नहीं करने अथवा उत्तर समाधान कारक नहीं पाए जाने पर मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 में निहित प्रावधानों के तहत एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।