*आपके लिए किसी भी लक्ष्य को हासिल करना या चुनौती से निपटना न तो नामुमकिन और न ही असंभव...सुश्री कौर ने महिलाओं का बढ़ाया हौसला* *उद्यमिता को बढ़ावा देने 20 जून से 20 सितंबर तक करें विकास खंड स्तर पर विशेष उद्यम पंजीयन शिविरों का आयोजन - सुश्री कौर* *उद्यमिता से स्व सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ने जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला से उद्यम पंजीयन अभियान को मिलेगी ऊंची उड़ान*

Yogendra Asati
05 Jun 2026
समीक्षा

*आपके लिए किसी भी लक्ष्य को हासिल करना या चुनौती से निपटना न तो नामुमकिन और न ही असंभव...सुश्री कौर ने महिलाओं का बढ़ाया हौसला*

*उद्यमिता को बढ़ावा देने 20 जून से 20 सितंबर तक करें विकास खंड स्तर पर विशेष उद्यम पंजीयन शिविरों का आयोजन - सुश्री कौर*

*उद्यमिता से स्व सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ने जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला से उद्यम पंजीयन अभियान को मिलेगी ऊंची उड़ान*

कटनी- (5 जून)- कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर की सतत् निगरानी और गंभीर प्रयासों से मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसीश्रृंखला में उद्यमों के पंजीकरण को बढ़ावा देने हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसका उद्देश्य विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ी स्व-सहायता समूह सदस्य महिलाओं को उद्यम पंजीयन से जोड़ना, उन्हें औपचारिक उद्यमी के रूप में स्थापित करना तथा आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में रास्ता आसान करना था। इसमें विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, योजना प्रमुख, विकासखंड प्रबंधक, सफल महिला उद्यमी, उद्यम सखियां एवं स्व-सहायता समूहों की सदस्य महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर ने महिला उद्यमियों से संवाद कर उनके द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों, उपलब्धियों एवं चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आप लोगों के लिए किसी भी लक्ष्य को हासिल करना या चुनौती से निपटना..न तो नामुमकिन है और न ही असंभव। आप हर क्षेत्र में स्वावलंबन की दिशा में सब कुछ कर सकती हैं। संवाद के दौरान एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत पत्थर की मूर्तियों के निर्माण एवं विक्रय कार्य से जुड़ी ललिता वर्मन ने रॉयल्टी संबंधी समस्याओं से अवगत कराया। उन्हें जीएसटी पंजीयन प्राप्त करने एवं व्यवसाय को औपचारिक स्वरूप देने के लिए प्रेरित किया। विकासखंड बड़वारा की ममता बाई ने राइस मिल संचालन के अनुभव साझा किए तथा सीता सोनी ने बड़े स्तर पर संचालित अपने सिलाई एवं गारमेंट निर्माण कार्य की जानकारी दी। उनके उद्यम की प्रगति को देखते हुए सुश्री कौर ने महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को श्रीमती सीता सोनी के उद्यम विस्तार हेतु गारमेंट क्लस्टर में भूमि आवंटन की संभावनाओं पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकासखंड स्तर पर 20 जून से 20 सितम्बर तक विशेष उद्यम (Udyam) पंजीयन शिविर आयोजित करने तथा उनके व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी प्रदान किए। जिला परियोजना प्रबंधक अनुराग मोदी ने कहा कि उद्यम पंजीयन एवं सुव्यवस्थित व्यवसाय कार्ययोजना के माध्यम से समूहों को बैंक ऋण, बाजार उपलब्धता, सरकारी योजनाओं एवं अन्य संस्थागत सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मिशन द्वारा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा ताकि जिले का प्रत्येक समूह उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ सके। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र ज्योति सिंह ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए महिलाओं को स्टार्टअप, नवाचार एवं स्वरोजगार आधारित उद्यमों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं प्रबंधक राजेश पटेल ने उद्यम (Udyam) पंजीयन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन पंजीकरण के लाभ एवं विभिन्न शासकीय सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान कैलास साहू ने स्वरोजगार एवं उद्यमिता से संबंधित विभिन्न योजनाओं जैसे संत रविदास स्वरोजगार योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना एवं टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं हिमांशु छाबड़ा द्वारा खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन आधारित इकाइयों की स्थापना, वित्तीय सहायता तथा विपणन संभावनाओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। जिला प्रबंधक सीमा सिंह ने प्रतिभागियों को बाजार विश्लेषण, लागत निर्धारण, पूंजी प्रबंधन, विपणन रणनीति, ब्रांडिंग एवं उद्यम विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सही योजना, गुणवत्ता एवं बाजार की समझ के साथ ग्रामीण महिलाएं सफल उद्यमी बनकर अपने परिवार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान उद्यम सखियों एवं विकासखंड प्रबंधकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, अगरबत्ती निर्माण, मसाला निर्माण, खाद-बीज उत्पादन तथा अन्य लघु उद्यमों को औद्योगिक पहचान मिलने से उनके व्यवसाय विस्तार एवं बाजार तक पहुंच के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र से जीत साहू तथा आजीविका मिशन से अजय पाण्डेय, सूर्यप्रताप सिंह बघेल, राजेश पाण्डेय, कैलाश वर्मा, विवेक द्विवेदी एवं जया कोष्टी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रही।